आगरा डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए सबसे खूबसूरत और सस्ता शहर || आगरा बियॉन्ड ताज सेमिनार में पर्यटन प्रोत्साहन पर मंथन
आगरा, 27 फरवरी। होटल जेपी प्लेस कन्वेंशन सेंटर में गुरुवार को आयोजित परिचर्चा "आगरा बियॉन्ड ताज" में वक्ताओं ने आगरा के रमणीय स्थलों और पर्यटन संभावनाओं पर मंथन किया। कहा गया कि शहर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है। यहां की हस्तकला विश्व पटल पर पर्यटकों को प्रभावित करती है। डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए यह शहर सबसे खूबसूरत और सस्ता है। कहा गया कि पर्यटन से जुड़े विकास में स्थानीय समुदायों की ज़रूरतों को भी ध्यान में रखना होगा।
"आगरा में सतत पर्यटन की प्रथाओं को अपनाते हुए एक टिकाऊ भविष्य के द्वार खोलना" विषय पर आयोजित हुए सेमिनार की शुरुआत अतिथियों व वक्ताओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। एक्सपर्ट पेनलिस्ट के पैनल से पूर्व वक्ताओं ने शहर के इतिहास पर रोचक जानकारी दी।
पर्यटन उद्यमी अरुण डंग ने कहा कि शहर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है। चमड़े का सिक्का इसी जमीं पर चला। शाहजहां ने ताज के निर्माण के बाद मजदूरों के हाथ कटवा दिए थे। यह बात सही नहीं है।
भारतीय पर्यटन नार्थ के क्षेत्रीय निर्देशक आरके सुमन ने कहा कि कुरुक्षेत्र में महाभारत हुई जबकि वहां की और भी कई कहानियां है पर हम महाभारत के बारे में जानते है। ऐसे ही आगरा में ताजमहल के अलावा भी पर्यटकों के कई स्थल है। आज लोग सोशल मीडिया के जरिये उन स्थानों के बारे में जान रहे हैं।
आशु गुप्ता ने कहा, मुझे लगता है जल्द ही दिल्ली से स्टीमर में बैठकर कर पर्यटक ताज को देखने आएंगे। आगरा में ताज के साये में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए जयपुर व उदयपुर से अच्छे होटल और खूबसूरत स्थान है। शहरवासी और होटल पर्यटकों को बताएं कि ये बाकी शहरों से सस्ते भी हैं। आगरा की हस्तकला भी विश्व पटल पर पर्यटकों को प्रभावित करती है।
पत्रकार सोइती बनर्जी ने कहा कि हमें शहर को सामान्य नज़रिये से न देखते हुए खास की नज़र से देखना होगा। हमें जिम्मेदार नागरिक के तौर पर स्थायी पर्यटन तलाश कर भविष्य के बारे में सोचना होगा। पर्यटन से जुड़े विकास को सामंजस्यपूर्ण तरीके से करना चाहिए। पर्यटन से जुड़े विकास में स्थानीय समुदायों की ज़रूरतों को ध्यान में रखना चाहिए।
स्पीहा के उपाध्यक्ष राजीव नारायण ने कहा कि उत्तर प्रदेश अगर ब्रह्माण्ड है तो पर्यटन का चन्द्रमा है ताजमहल, इसलिए कहते हैं कि उत्तर प्रदेश नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा। हिंदुस्तान के पर्यटन की राजधानी आगरा है। चम्बल सफारी के राम प्रताप सिंह ने कहा कि लगभग हर पांच में से चार भारतीय यात्री ऐसे तरीकों से यात्रा करना चाहते हैं, जिससे स्थानीय समुदायों को आर्थिक और सामाजिक दोनों रूप से सकारात्मक लाभ हो।
पैनल में जेपी होटल के वाइस प्रेजिडेंट हरि सुकुमार ने भी अपने विचार रखे। टूरिज्म गिल्ड के अध्यक्ष राजीव सक्सेना ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। संचालन सुधीर नारायण ने किया। इस अवसर पर होटल क्लार्क्स शिराज के उपाध्यक्ष अमूल्य कक्कड़, डॉ. डीवी शर्मा, पूरन डाबर, वेद खन्ना, डा पंकज महेन्द्रू, देवाशीष भौमिक, रिचा बंसल, डॉ. नवीन गुप्ता, पंकज गुप्ता, शक्ति सिंह, शब्द मिश्रा, राजेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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